- by Amit Kumar Verma
- 2026-04-25 14:10:42
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
मुंबई में 21 अप्रैल को ट्रेफिक जाम में फंसने के बाद महिला के गुस्से का वीडियो देश में इतना वायरल हुआ कि महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री और बीजेपी नेता गिरीश महाजन को सफाई देने के लिए सामने आना पड़ा. महाजन को ही मुंबई के वर्ली इलाके में प्रदर्शन के कारण लगे ट्रैफिक जाम से नाराज एक महिला ने बीच सड़क पर ही खरी-खोटी सुना दी थी. महिला का कहना था कि उसे अपने बच्चे को स्कूल से लेने जाना था लेकिन जाम में अटक कर रह गई...
बुधवार को मंत्री गिरीश महाजन ने इस मामले पर अपनी सफाई दी. गिरीश महाजन ने बताया कि यह कार्यक्रम महिला आरक्षण पर कांग्रेस-विपक्ष के रुख़ के विरोध में आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया. (वीडियो देखने से पता चलता है, मंत्री के चारों तरफ़ पुरूष ही ज़्यादा थे, महिलाएं भी थीं लेकिन वीडियो में हज़ारों में तो नहीं दिख रही थीं)...
महाजन ने स्वीकार किया कि बड़े आंदोलनों के दौरान सड़क पर यातायात प्रभावित होना और लोगों को असुविधा होना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा, "जब हम कोई बड़ा मार्च निकालते हैं, तो थोड़ी परेशानी तो होती ही है. इतिहास में भी ऐसे कई बड़े आंदोलन हुए हैं जो कई दिनों तक चले थे..."
महाजन ने कहा कि ट्रैफिक जाम की बात सही है, लेकिन महिला का व्यवहार उचित नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों पर बोतलें फेंकी...(ये सही है महिला ने गेट आउट फ्रॉम हेयर, किसी मैदान में जाकर प्रोटेस्ट करो...डू यू अंडरस्टैंड...शट अप (एक पुलिसकर्मी से) कहा था, लेकिन महिला ने बोतलें फेंकी,ऐसा कम से कम वीडियो में कहीं नहीं दिखा. बच्चे को स्कूल से लाने के लिए परेशान महिला का गुस्सा तब और ज़्यादा बढ़ा, जब जाम खुलवाने की उसकी बात कोई सुन रही था. मोर्चे में शामिल क्या पुरुष और क्या महिलाएं उसे बस बुत की तरह देखे जा रहे थे)...
महाजन ने कहा कि मोर्चे में इतने लोग थे, उनके सामने बोतल फेंकना और गलत भाषा का प्रयोग करना कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ सकता था. हालांकि, हमने बहुत संयम बरता और अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि कोई भी महिला पर जवाबी टिप्पणी न करे. महिला करीब 15-20 मिनट तक वहां गलत भाषा का प्रयोग करती रही...' मंत्री ने ये भी कहा कि महिला ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ भी गलत व्यवहार किया. महाजन के मुताबिक उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की थी...
महाजन ने वीआईपी कल्चर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन की अनुमति पहले ही ली गई थी...
यह कोई पहली बार नहीं है जब मंत्री महाजन को इस तरह जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले भी जलगांव में एक कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने उनसे ट्रैफिक जाम को लेकर तीखी बहस की थी. उस समय भी मंत्री को महिला से माफी मांगनी पड़ी थी...
जब मंत्री से पूछा गया कि क्या उस महिला के खिलाफ पुलिस केस किया जाएगा तो उन्होंने कहा, 'मैं नहीं समझता कि उन पर कोई कार्रवाई होनी चाहिए. शायद उनका बच्चा स्कूल में था या वह किसी जल्दी में थीं, उनका गुस्सा अपनी जगह ठीक है. हमने उनकी नाराजगी को समझ लिया और इसीलिए मैंने खुद कई बार उनसे माफी मांगी. हमने 10 मिनट के भीतर रास्ता साफ कराने का वादा भी किया था..."
हालांकि वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला के चिल्लाने पर भी कोई नहीं सुन रहा था, सब चले जा रहे थे. वीडियो में एक जगह मंत्री पुलिसवालों को महिला को वहां से हटाने का इशारा करते भी देखे गए...
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)