- by Amit Kumar Gond
- 2026-04-07 18:24:42
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
गोरखपुर। बांसगांव क्षेत्र में एक के बाद एक हुई दो दुखद घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। वार्ड नंबर 9 निवासी पत्रकार एवं अधिवक्ता अग्निवेश सिंह की 27 फरवरी को कथित मारपीट के दौरान हुई मौत के बाद अब उनके पिता सुनील सिंह का भी निधन हो गया है। इस दोहरी त्रासदी से क्षेत्र में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
परिजनों का आरोप है कि अग्निवेश सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें छोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, शुरुआत में पुलिस द्वारा मामले को हार्ट अटैक बताकर दबाने का प्रयास भी किया गया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी समय पर परिजनों को नहीं सौंपी गई।
बताया जा रहा है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई, तो उसमें शरीर पर छह गंभीर चोटों का उल्लेख था, लेकिन मौत का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। इस बीच परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही थीं, जिससे परिवार भय और तनाव में जी रहा था।
परिजनों के अनुसार, उन्होंने कई बार पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। लगातार तनाव और मानसिक दबाव के कारण सुनील सिंह को सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें गगहा स्थित एक निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।
सुनील सिंह एक सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्ति थे और बाल कल्याण समिति के सदस्य भी रह चुके थे। उनके छोटे बेटे अधिवक्ता नीतीश सिंह दीवानी कचहरी में कार्यरत हैं। इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्षेत्र में लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और न्याय की मांग तेज होती जा रही है।
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)