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लोनी नदी पर कब्जा, सरकारी नाले गायब, हाईवे बना हादसों का अड्डा

इस खबर के स्पोंसर है सॉफ्टनिक इंडिया, शाही मार्केट, गोलघर, गोरखपुर


शंकरगढ़,प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत सरकारी जमीनों पर बढ़ते अवैध कब्जों, लोनी नदी और सरकारी नालों को पाटे जाने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पैंतीस बांदा-चित्रकूट मार्ग पर संचालित वाशिंग प्लांटों की मनमानी के खिलाफ किसानों का गुस्सा शनिवार को खुलकर सामने आ गया। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी बारा को ज्ञापन सौंपकर भू-माफियाओं, सिलिका कारोबारियों और वाशिंग प्लांट संचालकों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। भाकियू युवा मोर्चा के वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष दीपक तिवारी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शंकरगढ़ छेत्र के शिवराजपुर, लखनपुर, बेनीपुर, गाढ़ा कटरा, जनवा, बिहरिया, पचुआर, कपारी और जोरवट समेत कई गांवों में ग्राम समाज, सरकारी भूमि, तालाब, नाले और खलिहानों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। किसानों ने कहा कि गाढ़ा कटरा से निकलकर लखनपुर, बेनीपुर, शिवराजपुर, कपारी, जोरवट और कल्याणपुर होते हुए देवरा टोंस नदी में मिलने वाली लोनी नदी को भू-माफियाओं ने मिट्टी डालकर पाट दिया है। किसानों का आरोप है कि जिन जलस्रोतों से वर्षों से बरसाती पानी की निकासी होती थी, आज वही माफियाओं की कब्जेदारी की भेंट चढ़ चुके हैं। नतीजा यह है कि बरसात में गांवों और घरों तक पानी भर जाता है, जबकि जिम्मेदार विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित दिखाई देते हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि लखनपुर से कपारी तक जाने वाला महत्वपूर्ण सरकारी नाला भी अवैध कब्जे की चपेट में है, जिससे शंकरगढ़ पावर हाउस और आसपास के इलाकों में हर वर्ष जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते सरकारी संपत्तियां धीरे-धीरे माफियाओं के कब्जे में समाती जा रही हैं। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पैंतीस बांदा-चित्रकूट मार्ग पर चल रहे वाशिंग प्लांटों को लेकर भी किसानों ने बड़ा सवाल उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि ये प्लांट गर्मियों में भारी मात्रा में बोरिंग का पानी खींच रहे हैं, जिससे इलाके में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और ग्रामीणों को पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि वाशिंग प्लांटों से निकलने वाला सिलिका धूल हाईवे की सड़कों पर फैल रहा है, जिससे बाइक और साइकिल सवार आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। सड़क पर उड़ती धूल लोगों की सांसों तक में जहर घोल रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे बैठा है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि लोनी नदी, सरकारी नालों और ग्राम समाज की जमीनों की तत्काल पैमाइश कराकर अवैध कब्जे हटाए जाएं तथा वाशिंग प्लांटों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बारा तहसील से बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)

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