- by Sakshi Singh
- 2026-03-28 21:36:37
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
गोमती दर्शन यात्रा के अंतर्गत माँ गोमती के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में जनसहभागिता के साथ-साथ प्रशासनिक सहयोग भी प्रमुख रूप से देखने को मिला, जो इस अभियान की सफलता का आधार बना।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, विधायक श्री बाबूलाल पासवान, ब्लॉक प्रमुख श्री अजय गंगवार एवं महामंडलेश्वर स्वामी शिवानंद जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने माँ गोमती के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वृक्षारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान माननीय वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना द्वारा एक नीम का वृक्ष लगाकर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। साथ ही हरिशंकरी वृक्ष (पीपल, बरगद एवं पाकड़) का भी रोपण किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने समाज को संदेश दिया कि नदियों के किनारे अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना चाहिए, जिससे नदियों का संरक्षण, जलधारा की निरंतरता एवं पर्यावरण संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।
वन मंत्री का वक्तव्य
इस अवसर पर माननीय वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार माँ गोमती के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि जहाँ-जहाँ से संभव हो, माँ गोमती में जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा उसे पुनर्जीवित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
उन्होंने वेटलैंड्स के पुनर्जीवन को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि माँ गोमती उत्तर प्रदेश की जीवनदायिनी नदी है और इसके संरक्षण में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गोमती तटों पर प्लास्टिक का उपयोग न करें तथा पर्यावरण अनुकूल सामग्री का प्रयोग करें।
माधव टांडा में वन सफारी की घोषणा
कार्यक्रम के क्रम में माननीय वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने पीलीभीत के माधव टांडा वन क्षेत्र को वन्य सफारी के रूप में विकसित करने की घोषणा की तथा संबंधित डीएफओ को शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
ज्ञापन सौंपा गया
कार्यक्रम के दौरान गोमती दर्शन संस्था द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में माँ गोमती से जुड़े झील, तालाब एवं वेटलैंड्स के पुनर्जीवन हेतु मनरेगा के माध्यम से सफाई कर उन्हें पुनः जल से भरने, सहायक नदियों के संरक्षण, नालों के वैज्ञानिक ट्रीटमेंट तथा गोमती को राज्य नदी का दर्जा देने जैसी महत्वपूर्ण मांगें प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
संस्था की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में गोमती दर्शन संस्था के संयोजक एडवोकेट अनुराग पांडे एवं अध्यक्ष श्वेता सिंह मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। संस्था के अन्य पदाधिकारियों में श्रीमती सोनी सिंह (उपाध्यक्ष), श्री पंकज शुक्ला (महामंत्री), श्री संजीव श्रीवास्तव (महामंत्री), श्री ललित मिश्रा (अधिवक्ता), श्री अरविंद पांडे (संगठन मंत्री), श्री पवन मिश्रा (कार्यकारी सदस्य), श्री हिमांशु मिश्रा (युवा प्रभारी), श्री अंकुर पांडे, श्री शनि साहू, तिरंगा महाराज, श्री अनिल सिंह, ग्राम प्रधान श्री योगेश्वर सिंह एवं श्री निर्वय सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त महामना मालवीय मिशन द्वारा भी एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें सड़कों एवं नदियों के किनारे “पंचवटी” के रूप में वृक्षारोपण का प्रस्ताव रखा गया। इस पर माननीय मंत्री जी ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
गोमती दर्शन संस्था के संयोजक एडवोकेट अनुराग पांडे ने माँ गोमती के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया, वहीं संस्था की अध्यक्ष श्वेता सिंह ने नदियों में गिरने वाले नालों को तत्काल बंद कर उनके जल का वैज्ञानिक ट्रीटमेंट सुनिश्चित करने की मांग की।
अंततः यह कार्यक्रम माँ गोमती के संरक्षण, स्वच्छता एवं पुनर्जीवन के लिए सरकार एवं जनसहयोग के संयुक्त प्रयास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरा।
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एडवोकेट अनुराग पाण्डेय
संयोजक, गोमती दर्शन
श्वेता सिंह
अध्यक्ष, गोमती दर्शन
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)